Category Archives: Column Hindi

दैनिक जागरण में प्रकाशित मेरा आलेख : अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव -चयन की चुनौती

अगस्त १२, २०१६: दैनिक जागरण में आज प्रकाशित मेरा आलेख : अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव -चयन की चुनौती

http://epaper.jagran.com/epaperimages/12082016/delhi/11del-pg14-0.pdf

Jagran Aug 12 2016 US Elections

उपलब्धि भरे 100 दिन

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सौ दिन किसी सरकार के प्रदर्शन के आकलन के लिये प्रयाप्त नहीं है, फिर भी इससे सकेंत तो मिल ही जाता है कि सरकार किस दिशा कि ओर जा रही है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार की 100 दिनों  की उपलब्धियों पर  दैनिक जागरण  में प्रकाशित मेरा आलेख: उपलब्धि भरे सौ दिन

http://epaper.jagran.com/epaperimages/25052015/delhi/24ned-pg7-0.pdf

दिल्ली को ‘पूर्ण राज्य का दर्जा’ – संघीय व्य्वस्था का सम्मान

 

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पंजाब केसरी समाचारपत्र में  दिनांक फरवरी 3, 2015 को सम्पादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित मेरा आलेख: दिल्ली को ‘पूर्ण राज्य का दर्जा’ – संघीय व्य्वस्था का सम्मान

पढ़ने के लिये वेब लिंक पर क्लिक करें: http://punjabkesari.epapr.in/431337/Punjab-kesari-/-Punjab-kesari-Main?how=touch#page/6/1

स्वास्थ्य सेवा की सुध लेने का समय

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सरकार को चाहिए कि खुद स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन की बजाय वह स्वास्थ्य बीमा का दायरा विस्तृत करे। मजबूत कानून तथा मापदंडों के चलते यदि स्वास्थ्य बीमा का व्यापक विस्तार हो, तो जनता सरकारी या निजी क्षेत्र से चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में कहीं अधिक सक्षम हो सकेगी।

आज के हिन्दुस्तान दैनिक में प्रकाशित मेरा आलेख: स्वास्थ्य सेवा की सुध लेने का समय 

विस्तार में पढने के लिऐ: http://epaper.livehindustan.com/story.aspx?id=174553&boxid=29349096&ed_date=2015-03-18&ed_code=1&ed_page=10

क्या दिल्ली एक टिकाऊ शहर है?

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अंग्रेज़ी के ‘सस्टेनेबल’ शब्द का अर्थ है टिकाऊपन, स्थायित्व या दीर्घकालिता। इसका मतलब यह कि मानव और उसके चारों ओर का परितंत्र एक दूसरे के साथ शांति, विकास और सामंजस्य से रहे। जबकि आज दिल्ली बढ़ती आबादी, विकास के नाम पर दुर्गति और नियोजन के मजाक की जीती-जागती मिसाल बन गई है।

 कल दिनांक, 9 मार्च 2015 के ‘अमर उजाला’ समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ मेरा आलेख: क्या दिल्ली एक टिकाऊ शहर है?http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20150308a_012101005&ileft=5&itop=1189&zoomRatio=130&AN=20150308a_012101005

सपनों के देश में यह कैसा अंधेरा ?

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पिछली दो शताब्दियों में अमेरिका ने सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास किया है, पर अपने समाज में श्वेत-अश्वेत के बीच नस्ली भेदभाव की खाई पाटने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाया है। आज जब वह खुद को विश्व नेता के रूप में स्थापित करना चाहता है, तब उसे अपने घर में फैली नस्ली असमानता मिटाने पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इन दिनों अमेरिका में ‘अफ्रीकन अमेरिकन हिस्ट्री मंथ’ मनाया जा रहा है।19 फरवरी, 2015 के नवभारत टाइम्स समाचारपत्र में प्रकाशित मेरा लेख – सपनों के देश में यह कैसा अंधेरा:

http://epaper.navbharattimes.com/details/24870-56805-1.html

फर्गुसन में नस्लवाद के दंगे

फर्गुसन, अमेरिका में दंगो पर मेरा डिस्पैच आज के “नवोदय टाइम्स”, दिल्ली समाचार पत्र में.

Link: http://epaper.navodayatimes.in/382770/The-Navodaya-Times-Main/Navodaya-Times-Main?show=touch#page/11/1

Navodya Times Nov 26 2014 Ferguson

 

दास्तान-ए- सड़क: अमरीका व भारत

विकास का स्वपन बिना अच्छी सड़कों के अस्म्भव है। नवम्बर 10, 2014 को “दैनिक अजीत” समाचार पत्र में प्रकाशित मेरा आलेख: http://www.ajitsamachar.com/edition/20141110/3.cms

Published Ajit Raod network Nov 10 2014

अमेरिकी चुनाव दिवस व् इबोला की अमेरिका पर दस्तक

आगामी मंगलवार यानी 4 नवम्बर को अमेरिका में चुनाव होने हैं. इसे चुनाव दिवस कहा जाता  है. चुनाव दिवस: अमेरिकी व् भारत की प्रणाली में अंतर.

 तथा इबोला का अमेरिका पर दस्तक.

इन विषयों पर आधारित  है मेरा इस बार का स्तम्भ (कालम). “वीर अर्जुन” समाचार पत्र  में प्रत्येक बुधवार को प्रकाशित.

लिंक: http://goo.gl/ZRiOb9

दास्ताने-सड़क: अमेरिका व् भारत की जुबानी

दास्ताने-सड़क: अमेरिका व् भारत की जुबानी. सड़कों का विकास में महत्व उतना ही है जिस भांति शरीर के लिए रक्त का ! अमेरिका के विकास में सड़कों की भूमिका. भारत कहाँ खड़ा है उस मुकाबले में ?

पढ़िए मेरा साप्ताहिक स्तम्भ “वीर अर्जुन” समाचार पत्र में प्रति बुधवार को.

अक्टूबर 22, 2014  (बुधवार) के कॉलम के लिए क्लिक करिए: http://goo.gl/9a1WFK